Thursday, 18 January 2018

Mohammad Hidayatullah


मोहम्मद हिदायतुल्लाह
जन्म - 17 दिसंबर, 1905
मृत्यु - 18 सितंबर, 1992

प्रारंभिक जीवन

17 दिसंबर, 1905 को जन्में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हिदायतुल्लाह का जन्म ब्रिटिश आधीन लखनऊ के प्रसिद्ध खान बहादुर हाफिज मोहम्मद विलायतुल्लाह के परिवार में हुआ था | इनके पिता उर्दू भाषा के एक प्रख्यात कवि थे | इनके दादा श्री मुंशी कुदरतुल्लाह बनारस में वकील थे जबकि इनके पिता ख़ान बहादुर हाफ़िज विलायतुल्लाह आई.एस.ओ. मजिस्ट्रेट मुख्यालय में तैनात थे | इनके पिता काफ़ी प्रतिभाशाली थे और प्रत्येक शैक्षिक इम्तहान में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होते थे | इनके पिता हाफ़िज विलायतुल्लाह 1928 में भाण्डरा से डिप्टी कमिश्नर एवं डिस्ट्रिक्ट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे | मुहम्मद हिदायतुल्लाह के दो भाई और एक बहन थी | उनमें सबसे छोटे यही थे | मुहम्मद हिदायतुल्लाह की माता का नाम मुहम्मदी बेगम था जिनका ताल्लुक मध्य प्रदेश के एक धार्मिक परिवार से था, जो हंदिया में निवास करता था | मुहम्मद हिदायतुल्लाह की माता का निधन 31 जुलाई, 1937 को हुआ था | उन्होंने 1922 में रायपुर के गवर्नमेंट हाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद नागपुर के मोरिस कॉलेज में दाखिला लिया जहां 1926 में उन्हें फिलिप छात्रवृत्ति के लिए नामित किया गया | वर्ष 1927 में कानून की पढ़ाई संपन्न करने के लिए हिदायतुल्लाह कैंम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी कॉलेज गए | अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया |

लॉयर के रूप में करियर

ग्रेजुएशन के बाद, हिदायतुल्लाह भारत वापिस आए और उन्होंने खुद को 19 जुलाई 1930 को नागपुर के बरार और मध्य भारत के हाई कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में दाखिल करवाया| इसके बाद नागपुर यूनिवर्सिटी में उन्होंने लॉ भी पढाया और इंग्लिश साहित्य का ज्ञान भी उन्हें था | 12 दिसम्बर 1942 को नागपुर के हाई कोर्ट में उनकी नियुक्ती सरकारी वकील के रूप में की गयी थी | 2 अगस्त 1943 को वे वर्तमान मध्यप्रदेश के अधिवक्ता बने और फिर कुछ समय बाद 1946 में उनकी नियुक्ती हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज के रूप में की गयी थी | उस समय मध्य प्रदेश के सबसे युवा अधिवक्ता के रूप में वे प्रसिद्ध थे |

न्यायिक करियर

24 जून 1946 को हिदायतुल्लाह की नियुक्ती मध्यप्रदेश के हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज के रूप में की गयिओ थी और 13 सितम्बर 1946 को उनकी नियुक्ती फिर हाई कोर्ट के परमानेंट जज के रूप में की गयी थी | 3 दिसम्बर 1954 को नागपुर में चीफ जस्टिस के रूप में उनकी नियुक्ती की गयी थी और उस समय वे मध्य भारत के सबसे युवा अधिवक्ता थे | 1 दिसम्बर 1958 को उन्हें ऊँचा पद देते हुए उन्हें भारत के सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया | उस समय में वे भारत में सुप्रीम कोर्ट के सबसे युवा चीफ जस्टिस थे | तक़रीबन 10 साल तक जज के पद पर रहते हुए सेवा करने के बाद 28 फरवरी 1968 को उनकी नियुक्ती फिर चीफ जस्टिस के रूप में की गयी थी और तब वे भारत के पहले मुस्लिम चीफ जस्टिस बने थे | 16 दिसम्बर 1970 को वे अपने पद से सेवानिर्वृत्त हुए थे |

भारत के राष्ट्रपति

जब वे भारत के चीफ जस्टिस के पद पर कार्यरत थे तभी 3 मई 1969 को भारत के राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की अचानक मृत्यु हो गयी थी | इसके बाद भारत के उपराष्ट्रपति  वी. वी. गिरी एक्टिंग प्रेसिडेंट बने | लेकिन फिर बाद में वी. वी. गिरी ने दोनों पद, एक्टिंग प्रेसिडेंट और एक्टिंग वाईस-प्रेसिडेंट से इस्तीफा दे दिया और वे 1969 के प्रांतीय चुनाव के उम्मेदवार बने | जस्टिस  एम. हिदायतुल्लाह इसके बाद 20 जुलाई से 24 अगस्त तक भारत के राष्ट्रपति के पद पर कार्यरत थे और उपराष्ट्रपति के आभाव में CJI उनकी भूमिका निभा रही थी | राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए यूनाइटेड स्टेट में मी. रिचर्ड निक्सन के साथ उनकी मुलाकात भारत में एक इतिहासिक मुलाकात के रूप में याद की जाती है | उनके सेवानिर्वृत्त होने के बाद, जस्टिस हिदायतुल्लाह की नियुक्ती भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर की गयी थी |

पुरूस्कार

ऑफिसर ऑफ़ दी आर्डर ऑफ़ ब्रिटिश एम्पायर , 1946 में किंग के बर्थडे पर दिया गया सम्मान
वॉर सर्विस बैज (बिल्ला), 1948
आर्डर ऑफ़ दी युगोस्लाव फ्लैग विथ सश, 1970
फिल्कांसा का बड़ा मैडल और फलक, 1970
मार्क ट्वेन का शूरवीर, 1971
अलाहाबाद यूनिवर्सिटी अलुमिनी एसोसिएशन द्वारा 42 सदस्यों की ‘प्राउड पास्ट अलुमिनी’ की सूचि में उन्हें शामिल किया गया।
1968 में लिंकन इन के बेंचर का सम्मान
प्रेसिडेंट ऑफ़ ऑनर, इन् ऑफ़ कोर्ट सोसाइटी, भारत
मनिला शहर के मुख्य और प्रतिष्ठित व्यक्ति, 1971
शिरोमणि अवार्ड, 1986
आर्किटेक्ट ऑफ़ इंडिया अवार्ड, 1987
बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी का दशरथमल सिंघवी मेमोरियल अवार्ड
1970 और 1987 के बीच, 12 भारतीय यूनिवर्सिटी और फिलीपींस यूनिवर्सिटी ने उन्हें वकिली और साहित्य में डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की थी।

किताबे

एशिया पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित – भारतीय लोकतंत्र और न्यायिक प्रणाली, 1966
दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका केस, 1967 में एशिया पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित (1966)
संविधानिक और संसदीय अभ्यास के लिए नेशनल पब्लिशिंग हाउस (1970) द्वारा न्यायिक विधि किताब का प्रकाशन।
जज का विविध संग्रह, एन.एम. त्रिपाठी (1972)
एक जज का विविध संग्रह (दूसरा संस्करण), एन.एम. त्रिपाठी (1972)
यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका और भारत: ऑल इंडिया रिपोर्टर (1977)
भारतीय संविधान का पाँचवी और छठी अनुसूची, अशोक पब्लिशिंग हाउस
माय ओन बोसवेल (जीवनी), अर्नाल्ड-हेंएमन्न (1980)
एडिटर, मुल्ला मोहम्मेदन लॉ
कमर्शियल लॉ पर जस्टिस हिदायतुल्लाह: दीप & दीप (1982)
भारत के संविधानिक अधिकार: बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया ट्रस्ट (1984)
संपत्ति का अधिकार और भारतीय संविधान: कलकत्ता यूनिवर्सिटी (1984)

मृत्यू

18 सितंबर 1992 को मोहम्मद हिदायतुल्लाह का निधन हो गया। उन्हें एक प्रख्यात विधिवेत्ता, विद्वान, शिक्षाविद्, लेखक और भाषाविद् के रूप में माना जाता है। अपने समय में वह भारत के उच्चतम न्यायालय के सबसे कम उम्र के न्यायाधीश थे। वह भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश भी थे। जस्टिस हिदायतुल्लाह एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्होंने भारत के राष्ट्रपति, भारत के उपराष्ट्रपति और भारत के मुख्य न्यायाधीश सभी तीन शीर्ष पदों को धारण किया।

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